
“तुम्हारा समय भी आएगा”
आज आज परिणाम आया,और नाम सूची में नहीं था।सपनों की सीढ़ी पर चढ़ते हुएएक कदम जैसे कहीं खो गया था।घर में खुशियाँ भी थीं,क्योंकि किसी अपने ने कर दिखाया।पर तुम्हारे मन का सन्नाटाकिसी ने शायद नहीं सुन पाया।तुलना की धीमी आहटदिल को और चुभ जाती है,जब अपने ही घर मेंखामोशी भारी हो जाती है।पर सुनो…यह … Read more