“तुम्हारा समय भी आएगा”

आज आज परिणाम आया,और नाम सूची में नहीं था।सपनों की सीढ़ी पर चढ़ते हुएएक कदम जैसे कहीं खो गया था।घर में खुशियाँ भी थीं,क्योंकि किसी अपने ने कर दिखाया।पर तुम्हारे मन का सन्नाटाकिसी ने शायद नहीं सुन पाया।तुलना की धीमी आहटदिल को और चुभ जाती है,जब अपने ही घर मेंखामोशी भारी हो जाती है।पर सुनो…यह … Read more

Mahashivratri

वह हिम-सा शांत, वह अग्नि-सी कोमल,दोनों में एक ही स्पंदन निर्मल।वह तप के सागर, वह श्रद्धा की धारा,दोनों का मिलन — सृष्टि का सहारा।वह जटाओं में गंगा को थामे,वह नयनों में ब्रह्मांड को थामे।वह विरक्ति का गहरा अँधेरा,वह प्रेम का उजला सवेरा।कैलाश की चोटी पर बैठा ध्यान,उसकी दृष्टि में बस पार्वती का मान।वह त्याग की … Read more